IAS दिव्या मित्तल ने 13 साल बाद दिया इस्तीफा

IAS दिव्या मित्तल ने 13 साल बाद दिया इस्तीफा: IIT-IIM से पढ़ाई, लंदन की नौकरी छोड़ चुनी सिविल सेवा, अब क्या है अगला कदम?

IAS Divya Mittal Resignation: उत्तर प्रदेश कैडर की चर्चित IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने रविवार, 30 अगस्त 2026 को भारतीय प्रशासनिक सेवा से अपने इस्तीफे का ऐलान किया है। 2013 बैच की अधिकारी के तौर पर करीब 13 साल की प्रशासनिक यात्रा के बाद लिए गए इस फैसले ने सोशल मीडिया और सिविल सेवा की तैयारी करने वाले युवाओं के बीच खासा ध्यान खींचा है। इस्तीफे की घोषणा उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए की। मौजूदा समय में वह उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत थीं।

दिव्या मित्तल की कहानी इसलिए भी अलग है क्योंकि IAS बनने से पहले उनका करियर पूरी तरह कॉरपोरेट दुनिया में था। IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने लंदन में वित्तीय क्षेत्र में काम किया। इसके बाद उन्होंने भारत लौटकर सिविल सेवा को अपना रास्ता बनाया। उनके करियर के दौरान मिर्जापुर और देवरिया जैसे जिलों में उनकी कार्यशैली और कुछ स्थानीय पहलों ने उन्हें व्यापक सार्वजनिक पहचान दिलाई|

1. दिव्या मित्तल ने अचानक क्यों दिया इस्तीफा ?

दिव्या मित्तल के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि उन्होंने IAS जैसी प्रतिष्ठित सेवा छोड़ने का निर्णय क्यों लिया।

अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए उन्होंने अपने लंबे प्रशासनिक सफर को याद किया और बताया कि सरकारी पद उनके जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा, लेकिन आगे भी उनके लिए कुछ नए सपने और लक्ष्य बाकी हैं। उपलब्ध जानकारी में उन्होंने इस्तीफे के पीछे किसी एक प्रशासनिक विवाद या किसी खास घटना को स्पष्ट कारण के रूप में नहीं बताया है। इसलिए उनके फैसले को लेकर अटकलें लगाने के बजाय उनकी सार्वजनिक घोषणा तक सीमित रहना उचित होगा। (Amar Ujala)

उनका संदेश यह संकेत देता है कि उनके लिए नौकरी छोड़ना उनके सार्वजनिक जीवन या समाज के साथ जुड़ाव का अंत नहीं है। उन्होंने अपने 13 वर्षों के अनुभव को एक ऐसे दौर के रूप में देखा जिसमें उन्हें लोगों से सीधे जुड़कर काम करने का मौका मिला।

इसी वजह से उनका इस्तीफा महज एक प्रशासनिक खबर नहीं रह गया है। यह उन युवाओं के लिए भी चर्चा का विषय बन गया है जो यह मानते हैं कि करियर में सफलता का अंतिम पड़ाव हमेशा एक सरकारी पद हासिल करना ही होना चाहिए।

2. कौन हैं IAS दिव्या मित्तल ?

दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की IAS अधिकारी हैं। उनका शैक्षणिक और पेशेवर सफर आम सिविल सेवा अभ्यर्थियों से कुछ अलग रहा है।

उन्होंने IIT दिल्ली से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और इसके बाद IIM बैंगलोर से प्रबंधन की शिक्षा हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने लंदन में वित्तीय क्षेत्र में काम किया, जहां उनका काम डेरिवेटिव ट्रेडिंग से जुड़ा था। बाद में भारत लौटकर उन्होंने सिविल सेवा को अपना करियर चुना। (Mirzapur)

उनकी कहानी का खास पहलू यह है कि उन्होंने एक अंतरराष्ट्रीय कॉरपोरेट करियर छोड़कर ऐसी सेवा चुनी जिसमें काम का सीधा असर आम नागरिकों के जीवन पर पड़ता है।

समय के साथ प्रशासन में उनकी पहचान केवल एक अधिकारी के रूप में नहीं, बल्कि ऐसे व्यक्ति के तौर पर बनी जो युवाओं को करियर, पढ़ाई, अनुशासन और व्यक्तिगत विकास से जुड़े विषयों पर भी सलाह देती रही हैं।

3. IIT दिल्ली से IIM बैंगलोर तक का सफर

दिव्या मित्तल की शिक्षा उनकी कहानी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

IIT दिल्ली देश के प्रमुख तकनीकी संस्थानों में से एक है। वहां से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने IIM बैंगलोर का रुख किया। इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट दोनों पृष्ठभूमियों ने उन्हें विश्लेषणात्मक सोच और प्रबंधन की समझ दी, जिसका उपयोग बाद में प्रशासनिक जिम्मेदारियों में भी दिखाई दिया।

लेकिन उनकी यात्रा केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रही। IIM से पढ़ाई के बाद उन्होंने भारत से बाहर जाकर पेशेवर अनुभव लिया। इस तरह उनके पास तकनीकी शिक्षा, प्रबंधन प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय कॉरपोरेट अनुभव का एक अनोखा मेल तैयार हुआ।

युवाओं के लिए इस हिस्से की सबसे बड़ी सीख यह है कि किसी व्यक्ति का करियर हमेशा एक सीधी रेखा में आगे नहीं बढ़ता। एक क्षेत्र में सफलता हासिल करने के बाद भी कोई व्यक्ति पूरी तरह अलग क्षेत्र को चुन सकता है।

4. लंदन की नौकरी छोड़कर UPSC की राह क्यों चुनी?

दिव्या मित्तल के करियर का सबसे चर्चित हिस्सा उनका लंदन से भारत लौटना रहा है।

विदेश में अच्छी नौकरी और आर्थिक रूप से मजबूत करियर होने के बावजूद उन्होंने भारत लौटकर सिविल सेवा की तैयारी का निर्णय लिया। उनके सार्वजनिक रूप से साझा किए गए अनुभवों में यह विचार सामने आया है कि विदेश में जीवन की उपलब्धियों के बावजूद उन्हें अपने देश के साथ काम करने की इच्छा महसूस होती रही।

यही बदलाव उनकी कहानी को उन विद्यार्थियों के लिए विशेष बनाता है जो आज करियर चुनने को लेकर असमंजस में रहते हैं।

कई छात्र अच्छी नौकरी को अंतिम लक्ष्य मानते हैं, लेकिन दिव्या मित्तल की यात्रा दिखाती है कि व्यक्ति के लिए करियर की सफलता का अर्थ समय के साथ बदल सकता है। आर्थिक अवसर महत्वपूर्ण हो सकते हैं, लेकिन काम से मिलने वाला उद्देश्य और संतुष्टि भी निर्णय को प्रभावित कर सकते हैं।

5. UPSC में एक बार नहीं, लगातार प्रयास

दिव्या मित्तल का UPSC सफर भी चर्चा में रहा है। उनके सार्वजनिक प्रोफाइल और हालिया सामग्री के अनुसार उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा के अलग-अलग प्रयासों में सफलता हासिल की और अंततः IAS तक पहुंचीं। उनके अनुभवों में असफलता से निपटना, तैयारी को व्यवस्थित करना और मानसिक दृढ़ता जैसे विषय लगातार दिखाई देते हैं। (LinkedIn)

इससे उनकी कहानी का एक महत्वपूर्ण पहलू सामने आता है—सफलता केवल अंतिम परिणाम नहीं होती।

UPSC जैसी परीक्षा में तैयारी के दौरान कई अभ्यर्थियों को असफलता का सामना करना पड़ता है। ऐसे समय में यह तय करना जरूरी होता है कि असफलता के बाद उम्मीदवार अपनी रणनीति बदलेगा, तैयारी छोड़ेगा या और बेहतर तरीके से वापस आएगा।

दिव्या मित्तल की सार्वजनिक सलाह में भी योजना, निरंतरता और मानसिक मजबूती पर जोर दिया गया है।

6. IAS बनने के बाद किन पदों पर रहीं?

भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयन के बाद दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश में कई जिम्मेदारियां संभालीं।

मिर्जापुर जिला प्रशासन से जुड़े आधिकारिक प्रोफाइल में उनके पूर्व पदों में संत कबीर नगर की जिलाधिकारी, मिर्जापुर की जिलाधिकारी, गोंडा की मुख्य विकास अधिकारी, विभिन्न स्थानों पर SDM तथा विकास प्राधिकरण और औद्योगिक विकास से जुड़ी जिम्मेदारियां शामिल हैं। (Mirzapur)

इन पदों में एक अधिकारी के लिए अलग-अलग प्रकार की प्रशासनिक चुनौतियां होती हैं। कहीं विकास योजनाओं की निगरानी करनी होती है, तो कहीं कानून-व्यवस्था, राजस्व, सार्वजनिक सेवाओं और स्थानीय समस्याओं से जुड़े मामलों पर काम करना पड़ता है।

यही विविध अनुभव किसी IAS अधिकारी के प्रशासनिक दृष्टिकोण को आकार देते हैं।

7. मिर्जापुर में 75 साल पुरानी पानी की समस्या कैसे चर्चा में आई?

दिव्या मित्तल को मिर्जापुर में उनके कार्यकाल के दौरान एक गांव की पेयजल समस्या के समाधान के लिए खास तौर पर याद किया जाता है।

लहुरिया दह गांव में लंबे समय से पेयजल का संकट था। उनके कार्यकाल में पाइपलाइन के जरिये पानी पहुंचाने की व्यवस्था को आगे बढ़ाया गया और गांव में लंबे अंतराल के बाद लोगों को नल के जरिए पानी मिलने लगा। इस पहल ने स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा बटोरी। (Mirzapur)

इस तरह की समस्या कागज पर देखने में छोटी लग सकती है, लेकिन ग्रामीण प्रशासन में पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराना कई विभागों, बजट, तकनीकी काम और स्थानीय समन्वय पर निर्भर करता है।

इसी तरह के कामों के कारण दिव्या मित्तल को सोशल मीडिया पर लोकप्रियता मिली और उनकी प्रशासनिक शैली को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी।

8. देवरिया में भी रही चर्चा

मिर्जापुर के बाद दिव्या मित्तल ने देवरिया में जिला प्रशासन की जिम्मेदारी संभाली। उनके देवरिया कार्यकाल के दौरान भी उनकी सार्वजनिक भागीदारी और नागरिकों से संवाद की शैली चर्चा में रही।

उनकी प्रशासनिक कार्यशैली में सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने, अधिकारियों की जवाबदेही और लोगों के साथ संवाद जैसे विषयों पर जोर दिखाई देता रहा।

हालांकि किसी अधिकारी के पूरे कार्यकाल का आकलन केवल सोशल मीडिया पर वायरल हुई कुछ घटनाओं से नहीं किया जा सकता। प्रशासनिक कामकाज में दर्जनों विभाग, हजारों कर्मचारी और अनेक नीतिगत फैसले शामिल होते हैं।

इसीलिए उनके करियर को समझते समय लोकप्रिय घटनाओं के साथ उनके व्यापक प्रशासनिक अनुभव को भी देखना जरूरी है।

9. सोशल मीडिया पर क्यों लोकप्रिय हैं दिव्या मित्तल?

दिव्या मित्तल उन अधिकारियों में रही हैं जिन्होंने सोशल मीडिया का इस्तेमाल केवल सरकारी सूचनाओं तक सीमित नहीं रखा।

वह पढ़ाई, परीक्षा की रणनीति, असफलता, समय प्रबंधन, कामकाजी जीवन और व्यक्तिगत अनुभवों जैसे विषयों पर भी विचार साझा करती रही हैं। उनके प्रोफाइल के अनुसार उनका सोशल मीडिया फोकस केवल प्रशासन तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को मार्गदर्शन देने की कोशिश भी इसका हिस्सा रहा है। (LinkedIn)

UPSC की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह खास आकर्षण का विषय बना क्योंकि उन्हें एक ऐसे व्यक्ति की बातें सुनने को मिलती हैं जिसने खुद परीक्षा और प्रशासनिक सेवा दोनों का अनुभव किया है।

हालांकि छात्रों को किसी भी अधिकारी या टॉपर की सलाह को अपनी व्यक्तिगत परिस्थिति के अनुसार अपनाना चाहिए। हर अभ्यर्थी की पृष्ठभूमि, उपलब्ध समय, आर्थिक स्थिति और सीखने की शैली अलग होती है।

10. अब उनकी नई किताब भी चर्चा में

दिव्या मित्तल ने UPSC अभ्यर्थियों के लिए “The Crafted Genius” नाम से एक पुस्तक तैयार की है। यह किताब सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी को केवल विषयों की सूची के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यवस्थित प्रक्रिया के तौर पर देखने की कोशिश करती है। (The Crafted Genius)

किताब में परीक्षा की संरचना, तैयारी शुरू करने की रणनीति, प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा, निबंध, इंटरव्यू, समय प्रबंधन और मानसिक मजबूती जैसे विषय शामिल किए गए हैं।

इसका एक उल्लेखनीय पहलू यह है कि किताब छात्रों को केवल अधिक पढ़ने के बजाय सिस्टम बनाकर पढ़ने की दिशा में ले जाने पर जोर देती है।

यह दृष्टिकोण UPSC की तैयारी के संदर्भ में महत्वपूर्ण है क्योंकि परीक्षा का पाठ्यक्रम बड़ा है और उम्मीदवारों के सामने सबसे बड़ी समस्या अक्सर यह होती है कि क्या पढ़ना है, कितना पढ़ना है और पढ़ी हुई चीज को दोहराना कैसे है।

11. छात्रों के लिए दिव्या मित्तल की कहानी में क्या सीख है?

दिव्या मित्तल की यात्रा को केवल “IAS अधिकारी ने नौकरी छोड़ दी” तक सीमित कर देना उनकी कहानी का बहुत छोटा हिस्सा होगा।

उनका करियर छात्रों के लिए कई अलग-अलग बातें दिखाता है।

पहली बात, किसी प्रतिष्ठित संस्थान से पढ़ाई करना सफलता की गारंटी नहीं देता। उसके बाद भी लगातार सीखने और मेहनत की जरूरत होती है।

दूसरी बात, एक करियर में हासिल की गई सफलता व्यक्ति को जीवन भर उसी दिशा में बने रहने के लिए बाध्य नहीं करती।

तीसरी बात, UPSC की तैयारी में रणनीति और अनुशासन का महत्व केवल घंटों पढ़ने से अधिक हो सकता है।

चौथी बात, असफलता के बाद वापस लौटना किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

और पांचवीं बात, सार्वजनिक सेवा का अर्थ सिर्फ पद या अधिकार नहीं है। इसका संबंध इस बात से है कि अधिकारी अपने अधिकारों और संसाधनों का इस्तेमाल जनता की समस्याओं के समाधान के लिए किस तरह करता है।

12. क्या दिव्या मित्तल का इस्तीफा तुरंत प्रभावी हो गया है?

यहां एक जरूरी प्रशासनिक अंतर समझना चाहिए।

खबरों में दिव्या मित्तल द्वारा IAS से इस्तीफे की घोषणा की गई है। लेकिन किसी सरकारी अधिकारी द्वारा इस्तीफा देने की घोषणा और इस्तीफे का प्रशासनिक रूप से अंतिम रूप से स्वीकार होना एक ही बात नहीं है।

इसलिए अभी यह कहना अधिक सटीक है कि दिव्या मित्तल ने IAS से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। इस्तीफे की औपचारिक स्वीकृति और उसके बाद की प्रशासनिक स्थिति के संबंध में आधिकारिक आदेश आने पर तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी |

यह अंतर उन छात्रों के लिए भी उपयोगी है जो प्रशासनिक सेवाओं या सरकारी नियमों से जुड़े विषयों की तैयारी करते हैं।

13. क्या उन्होंने इस्तीफे के बाद अपनी अगली योजना बताई है?

फिलहाल उनकी सार्वजनिक घोषणा में किसी एक नए पद या नई नौकरी को स्पष्ट रूप से उनकी अगली मंजिल के रूप में घोषित नहीं किया गया है।

हालांकि उनकी हालिया गतिविधियों को देखते हुए शिक्षा, लेखन, मार्गदर्शन और युवाओं के साथ संवाद उनके आगे के काम का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकते हैं। उनकी UPSC पुस्तक और छात्रों के लिए लगातार साझा किए गए विचार इस दिशा की ओर इशारा करते हैं।

लेकिन यह कहना जल्दबाजी होगी कि इस्तीफे के बाद उनका पूरा समय किस क्षेत्र में जाएगा। जब तक वह स्वयं अपनी भविष्य की भूमिका की औपचारिक घोषणा नहीं करतीं, तब तक किसी अनुमान को तथ्य मानना ठीक नहीं होगा।

14. IAS छोड़ना क्या करियर की असफलता है?

दिव्या मित्तल का इस्तीफा इस सवाल को भी सामने लाता है कि क्या किसी प्रतिष्ठित सरकारी पद को छोड़ना असफलता माना जाना चाहिए।

इसका जवाब व्यक्ति की परिस्थितियों और प्राथमिकताओं पर निर्भर करता है।

IAS भारत की सबसे प्रतिष्ठित सार्वजनिक सेवाओं में से एक है। इसमें व्यापक जिम्मेदारियां, प्रशासनिक अधिकार और समाज पर सीधा प्रभाव डालने का अवसर मिलता है। लेकिन हर व्यक्ति के लिए सफलता की परिभाषा एक जैसी नहीं होती।

कोई व्यक्ति प्रशासन में लंबे समय तक काम करना चाहता है, तो कोई शिक्षा, उद्यमिता, लेखन या सामाजिक क्षेत्र में जाना पसंद कर सकता है।

इसलिए इस्तीफे को अपने आप में सफलता या असफलता का प्रमाण मानना सही नहीं होगा। असली सवाल यह है कि व्यक्ति अपने अगले चरण में क्या करना चाहता है और उसका निर्णय उसके दीर्घकालिक लक्ष्यों से कितना मेल खाता है।

15. दिव्या मित्तल की प्रोफाइल एक नजर में

जानकारीविवरण
नामदिव्या मित्तल
सेवाभारतीय प्रशासनिक सेवा
कैडरउत्तर प्रदेश
बैच2013
स्नातक शिक्षाIIT दिल्ली
प्रबंधन शिक्षाIIM बैंगलोर
IAS से पहलेलंदन में वित्तीय क्षेत्र में काम
चर्चित प्रशासनिक पदDM संत कबीर नगर, DM मिर्जापुर, DM देवरिया सहित अन्य जिम्मेदारियां
हालिया जिम्मेदारीउत्तर प्रदेश राजस्व विभाग में विशेष सचिव
2026 में बड़ा घटनाक्रमIAS से इस्तीफे का ऐलान
पुस्तकThe Crafted Genius
मुख्य रुचिUPSC मार्गदर्शन, सीखने और सार्वजनिक सेवा से जुड़े विषय

प्रोफाइल संबंधी विवरण उत्तर प्रदेश सरकार के जिला प्रोफाइल और उनके सार्वजनिक प्रोफाइल में उपलब्ध जानकारी से मेल खाते हैं। (Mirzapur)

16. UPSC छात्रों के लिए खास संदेश

दिव्या मित्तल की यात्रा उन छात्रों के लिए खास तौर पर प्रासंगिक है जो UPSC या दूसरी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।

परीक्षा में सफलता पाने के लिए केवल लंबा समय पढ़ना पर्याप्त नहीं है। उम्मीदवार को यह समझना होता है कि उसकी कमजोरियां क्या हैं, वह किस तरीके से सीखता है और उपलब्ध समय को किस तरह उपयोग कर सकता है।

एक प्रभावी तैयारी में सामान्यतः चार चीजें महत्वपूर्ण होती हैं—सही दिशा, सीमित और विश्वसनीय अध्ययन सामग्री, नियमित पुनरावृत्ति और समय-समय पर अपनी तैयारी का परीक्षण।

असफल प्रयास आने पर रणनीति की समीक्षा करना भी उतना ही जरूरी है। कई अभ्यर्थी केवल पढ़ाई के घंटे बढ़ाते रहते हैं, लेकिन यह नहीं देखते कि पिछली गलती कहां हुई थी।

यही वजह है कि UPSC की तैयारी में self-analysis एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

17. Frequently Asked Questions

दिव्या मित्तल कौन हैं?

दिव्या मित्तल उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की IAS अधिकारी रही हैं। वह IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर की पूर्व छात्रा हैं और IAS बनने से पहले लंदन में वित्तीय क्षेत्र में काम कर चुकी हैं। (Mirzapur)

दिव्या मित्तल ने IAS से इस्तीफा कब दिया?

उन्होंने 30 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया के माध्यम से IAS से इस्तीफे का ऐलान किया।

हालिया रिपोर्टों के अनुसार वह उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग में विशेष सचिव के तौर पर कार्यरत थीं।

IAS बनने से पहले वह क्या करती थीं?

उन्होंने लंदन में वित्तीय क्षेत्र में काम किया था और डेरिवेटिव ट्रेडिंग से जुड़ी भूमिका निभाई थी।

दिव्या मित्तल ने कहां से पढ़ाई की?

उन्होंने IIT दिल्ली से B.Tech और IIM बैंगलोर से प्रबंधन की पढ़ाई की।

क्या उन्होंने UPSC के लिए किताब लिखी है?

हां। उनकी पुस्तक The Crafted Genius UPSC Civil Services Examination की तैयारी के लिए बनाई गई है। इसमें तैयारी की योजना, Prelims, Mains, Essay, Interview और मानसिक मजबूती जैसे विषय शामिल हैं।

क्या उनका इस्तीफा तुरंत स्वीकार हो गया है?

सार्वजनिक रिपोर्टों में फिलहाल उनके इस्तीफे की घोषणा की जानकारी है। औपचारिक प्रशासनिक स्वीकृति की स्थिति को संबंधित सरकारी आदेश से ही अंतिम रूप से माना जाना चाहिए

निष्कर्ष

दिव्या मित्तल का 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद IAS से इस्तीफा देश के प्रशासनिक और UPSC से जुड़े हलकों में चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से शिक्षा लेने, लंदन में कॉरपोरेट करियर बनाने और फिर देश लौटकर सिविल सेवा चुनने से शुरू हुआ उनका सफर कई अलग-अलग पड़ावों से होकर गुजरा।

मिर्जापुर और देवरिया जैसे जिलों में प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालने के साथ उन्होंने युवाओं के बीच भी अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी सोशल मीडिया गतिविधियां और UPSC से जुड़ी पुस्तक बताती है कि शिक्षा और युवा मार्गदर्शन उनके सार्वजनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं।

अब IAS से इस्तीफे के बाद उनके जीवन का अगला अध्याय क्या होगा, यह देखना दिलचस्प रहेगा। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि उन्होंने एक प्रतिष्ठित सरकारी पद पर लंबी सेवा के बाद अपने करियर में बदलाव का फैसला किया है।

उनकी कहानी से छात्रों के लिए सबसे बड़ी सीख शायद यही है कि करियर केवल एक पद हासिल करने का नाम नहीं है। असली सफलता उस दिशा को पहचानने में है जिसमें व्यक्ति अपनी क्षमता, अनुभव और उद्देश्य का सबसे बेहतर इस्तेमाल कर सके।

दिव्या मित्तल का अगला कदम चाहे शिक्षा के क्षेत्र में हो, लेखन में, सार्वजनिक नीति में या किसी बिल्कुल नई दिशा में—उनकी 13 साल की प्रशासनिक यात्रा और UPSC का अनुभव आगे भी युवाओं के लिए सीख का एक महत्वपूर्ण स्रोत बना रह सकता है।

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